✨ Fudan New IOGG Program Open!

2nd Round closes in Loading... !
View Details

अब बस मोदी और जिनपिंग से होगी बात, ट्रंप को नहीं करूंगा कॉल; टैरिफ वॉर के बीच ब्राजील का ऐलान

Source: Hindustan | Original Published At: 2025-08-06 00:34:54 UTC

Key Points

  • ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को कॉल न करने का ऐलान किया।
  • अमेरिका द्वारा ब्राजील के उत्पादों पर 50% आयात शुल्क लगाने से संबंधों में तनाव।
  • लूला ने भारत के प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से संपर्क करने की बात कही।
  • अमेरिका ने BRICS देशों को चेतावनी दी है कि उनके खिलाफ अतिरिक्त 10% टैरिफ लगाया जा सकता है।
  • ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अमेरिका की आलोचना।

ट्रंप ने कुछ दिन पहले कहा था कि लूला उनसे कभी भी कॉल पर बात कर सकते हैं, ताकि व्यापार विवाद सुलझाया जा सके। यहां तक कि ब्राजील के वित्त मंत्री फर्नांडो हद्दाद ने भी ट्रंप के इस संकेत का स्वागत किया था।

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने अमेरिका के साथ बिगड़ते द्विपक्षीय संबंधों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने मंगलवार को स्पष्ट रूप से कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कॉल नहीं करेंगे, क्योंकि ट्रंप बात नहीं करना चाहते हैं। अमेरिका द्वारा ब्राजील के उत्पादों पर 50% तक आयात शुल्क लगाने के बाद दोनों देशों के संबंधों में भारी तनाव आ गया है। लूला ने इस दिन को ब्राजील-अमेरिका संबंधों का सबसे अफसोसजनक दिन बताया है। उन्होंने कहा, “हम अमेरिका के इस एकतरफा निर्णय के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन जैसे सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों का सहारा लेंगे।”

मोदी और जिनपिंग से करेंगे बात राष्ट्रपति लूला ने कहा कि वे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से संपर्क करेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फिलहाल बात नहीं करेंगे क्योंकि वे यात्रा नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “मैं शी जिनपिंग को कॉल करूंगा, मैं प्रधानमंत्री मोदी को कॉल करूंगा, लेकिन ट्रंप को नहीं।”

अमेरिका की चेतावनी, BRICS से दूरी रखो ट्रंप प्रशासन ने पहले ही BRICS देशों को चेतावनी दी थी कि यदि उनके नीतिगत रुख अमेरिका के हितों के खिलाफ पाया गया तो 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। BRICS में शामिल ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका अब अमेरिका की वैश्विक नीति के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं।

ट्रेड विवाद के साथ-साथ ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो को हाउस अरेस्ट में रखने के फैसले ने अमेरिका को और नाराज कर दिया है। अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट की वेस्टर्न हेमिस्फियर ब्यूरो ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा, “न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर डी मोराइस पर अमेरिका ने मानवाधिकार हनन के तहत मैग्निट्स्की एक्ट के अंतर्गत प्रतिबंध लगाए हैं। अदालत का इस्तेमाल विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कर रहे हैं।”

जस्टिस डी मोराइस ने कहा कि वे अमेरिका के प्रतिबंधों के बावजूद अपने न्यायिक कार्यों को जारी रखेंगे और उनका काम देश के संविधान और कानून के तहत है।

Scroll to Top