रूस-यूक्रेन युद्ध: भारत और चीन के कंधे पर बंदूक रखने की कोशिश, नाटो की लाचारी का चरम सबूत देख लीजिए
Source: News18 Hindi | Original Published At: 2025-07-16 00:39:50 UTC
Key Points
- NATO महासचिव ने भारत, चीन और ब्राजील को सेकंडरी प्रतिबंधों की चेतावनी दी
- डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को हथियार आपूर्ति बढ़ाने और रूस से व्यापार पर 100% टैरिफ की धमकी दी
- रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत-चीन पर दबाव बनाने का प्रयास
- यूक्रेन के राष्ट्रपति ने निजी सैन्य कंपनियां बनाने पर विचार जताया
Last Updated: July 16, 2025, 08:27 IST
Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका भारत को धमकी देने में लगा है. इस बीच नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रुटे ने एक बड़ा बयान देकर भारत की चिंता बढ़ा दी है. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर भारत, चीन और ब्राजील जैसे देश रूस के साथ अपने आर्थिक संबंधों को जारी रखते हैं, तो उन्हें बेहद सख्त सेकंडरी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को नए हथियार देने का ऐलान किया है और रूस से व्यापार करने वालों पर 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी है.
बुधवार को अमेरिकी सांसदों के साथ एक बैठक में रुटे ने यह कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा, ‘अगर आप बीजिंग, दिल्ली या ब्राजीलिया में हैं, तो एक बार सोचिए कि ये निर्णय आपके लिए कितना भारी साबित हो सकता है. यह आप पर बहुत बड़ी चोट की तरह गिर सकता है.’ रुटे ने संवाददाताओं से कहा, ‘यदि आप चीन के राष्ट्रपति हैं, भारत के प्रधानमंत्री हैं, या ब्राजील के राष्ट्रपति हैं, और आप रूस के साथ व्यापार करना जारी रखते हैं तथा उनका तेल और गैस खरीदते हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि अगर पुतिन शांति वार्ता को गंभीरता से नहीं लेते तो मैं 100 प्रतिशत सेकेंडरी प्रतिबंध लगा दूंगा.’ दरअसल वह चाहते हैं कि भारत और चीन जैसे देश पुतिन पर दबाव बनाएं.
ट्रंप ने शुरू की हथियारों की ‘बड़ी डिलीवरी’ पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ऐलान किया है कि यूक्रेन को बड़े पैमाने पर हथियार दिए जाएंगे. इसमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइलें और गोला-बारूद शामिल हैं, जिनकी लागत यूरोपीय देश मिलकर वहन करेंगे. जब रुटे से पूछा गया कि क्या यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें भी दी जाएंगी, तो उन्होंने कहा, ‘यह डिफेंसिव और ऑफेंसिव दोनों तरह के हथियार हैं. यह निर्णय अब पेंटागन और नाटो के मिलिट्री कमांडर यूक्रेनी सेना के साथ मिलकर ले रहे हैं.’
ट्रंप ने जेलेंस्की से पूछा- मॉस्को पर हमला कर सकते हो? 4 जुलाई को यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बातचीत के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न केवल रूस के अंदर तक हमलों को बढ़ाने का सुझाव दिया, बल्कि यह भी पूछा कि यदि लंबी दूरी के हथियार दिए जाएं तो क्या यूक्रेन मॉस्को पर हमला कर सकता है. यह कॉल उस दिन के ठीक बाद हुई जब ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत की थी. रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने इस बातचीत के बाद निराशा जताई और कहा कि पुतिन शांति की दिशा में रुचि नहीं दिखा रहे. इसी संदर्भ में उन्होंने ATACMS मिसाइलों की संभावित आपूर्ति पर भी चर्चा की. व्हाइट हाउस में नाटो महासचिव के साथ एक प्रेस वार्ता में ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिका से जल्द ही हथियारों की एक बड़ी खेप नाटो सहयोगियों को भेजी जाएगी.
प्राइवेट डिफेंस कंपनी बनाना चाहते हैं जेलेंस्की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि वह अपनी सैन्य टुकड़ियों को भंग करे. जवाब में, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने संकेत दिया कि वे निजी सैन्य कंपनियां (PMCs) बनाने पर विचार कर सकते हैं. हालांकि जेलेंस्की ने ‘प्राइवेट फॉर्मेशन्स’ के कानूनी ढांचे और भूमिका पर विस्तार नहीं दिया, लेकिन यह कदम पुतिन के दबाव का एक रणनीतिक उत्तर माना जा रहा है.