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पाकिस्तान में जयशंकर ने शहबाज को रगड़ा, अब रूस जाकर जिनपिंग को सुनाएंगे मोदी, पुतिन भी चुपचाप देखेंगे

पाकिस्तान में जयशंकर ने शहबाज को रगड़ा, अब रूस जाकर जिनपिंग को सुनाएंगे मोदी, पुतिन भी चुपचाप देखेंगे
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Source: News18 हिंदी | Original Published At: 2024-10-18 08:43:21 UTC

Key Points

  • पीएम मोदी 22-23 अक्टूबर को रूस में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे
  • सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति पुतिन भी शामिल होंगे
  • मोदी चीन की साम्राज्यवादी नीतियों पर ब्रिक्स मंच से चिंता व्यक्त करेंगे
  • विदेश मंत्री जयशंकर ने हाल ही में पाकिस्तान में आतंकवाद मुद्दे पर कठोर रुख अपनाया था

नई दिल्ली: पाकिस्तान जाकर जयशंकर ने शहबाज शरीफ को खूब रगड़ा. आतंकवाद पर जो न कहना था, इशारों में खूब सुनाया. अब सुनने की बारी चीन की है. पीएम मोदी अब रूस जाकर शी जिनपिंग को खूब सुनाएंगे. तुर्रा यह कि पुतिन भी सामने रहेंगे, मगर चुपचाप देखते ही रह जाएंगे. जी हां, विदेश मंत्री एस जयशंकर के पाकिस्तान दौरे के बाद अब पीएम मोदी रूस जा रहे हैं. पीएम मोदी ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए रूस जा रहे हैं. पीएण मोदी 22 और 23 अक्टूबर को रूस दौरे पर रहेंगे. खुद व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी को ब्रिक्स समिट के लिए न्योता दिया है.

विदेश मंत्रालय ने कन्फर्म किया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस जाएंगे. पीएम मोदी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर 22-23 अक्टूबर को रूस की यात्रा पर रहेंगे. पीएम मोदी अपनी रूस यात्रा के दौरान ब्रिक्स समिट को संबोधित करेंगे. इस समिट में ब्रिक्स देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे. चीन की ओर से जिनपिंग भी होंगे. पीएम मोदी चीन को उसकी साम्राज्यवादी नीतियों को लेकर घेरेंगे और खूब सुनाएंगे. चीन जिस तरह से पड़ोसियों को आंखे दिखाता है और भारत को घेरने की कोशिश करता है, ऐसे में पीएम मोदी ब्रिक्स के मंच को उसकी पोल खोलने के लिए इस्तेमाल करेंगे.

जयशंकर ने शहबाज की लगाई थी क्लास

इससे पहले भारत पाकिस्तान को आतंकवाद पर खूब सुना चुका है. बीते दिनों भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर एससीओ समिट के लिए पाकिस्तान गए थे. उन्होंने अपने संबोधन के दौरान आतंकवाद पर पाकिस्तान को घेरा था और कहा था कि आतंकवाद, अलगाववाद और कट्टरवाद से बचना होगा. बेहतर रिश्ते के लिए भरोसा जरूरी है. अगर भरोसा नहीं है या सहयोग में कमी है, अगर दोस्ती कम हुई है और पड़ोसी जैसा व्यवहार गायब है तो वजह ढूंढनी चाहिए और उन्हें दूर करना चाहिए. अब चूंकि पीएम मोदी रूस जा रहे हैं, ऐसे में दुनिया की नजर उनके संबोधन पर होगी कि पीएम मोदी युद्ध लड़ रही दुनिया को क्या संदेश देंगे और चीन की कैसे क्लास लगाएंगे.

क्या है पीएम मोदी का शेड्यूल और ब्रिक्स का एजेंडा

पीएम मोदी की रूस यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय ने पूरा शेड्यूल जारी किया है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 22-23 अक्टूबर की रूस यात्रा के दौरान ब्रिक्स देशों के अपने समकक्षों के साथ पीएम मोदी द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. इस बार रूस की अध्यक्षता में ब्रिक्स समिट हो रहा है. यह 16वां ब्रिक्स सम्मेलन होगा. इसमें ‘जस्ट ग्लोबल डेवलपमेंट एंड सिक्योरिटी के लिए बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ थीम वाले इस समिट में दुनिया के कई मुद्दों पर चर्चा होगी. यह शिखर सम्मेलन ब्रिक्स द्वारा शुरू की गई पहलों की प्रगति का आकलन करने और भविष्य में सहयोग के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान करने का एक शानदार अवसर होगा.

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