लेबनानी सैनिकों की मौत पर इजरायल ने जताया अफसोस, कहा ‘सेना से नहीं लड़ रहे’
Source: India TV Hindi | Original Published At: 2024-10-21 12:55:21 UTC
Key Points
- इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में तीन लेबनानी सैनिकों की मौत पर खेद जताया
- इजरायली सेना ने कहा कि उन्होंने हिजबुल्लाह के वाहन को निशाना बनाया था, लेकिन लेबनानी सेना के ट्रक के बारे में अनजान थे
- हिजबुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ नए दौर की लड़ाई की घोषणा की
- गाजा में हमास नेता याह्या सिनवार की मौत के बाद युद्ध की समाप्ति की आशा जताई जा रही है
इजरायल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में तीन लेबनानी सैनिकों के मारे जाने पर सोमवार को अफसोस जताया है। इजरायल की सोना ने कहा कि वह लेबनान की सेना से नहीं लड़ रही है। इजरायल ने कहा कि उसके सैनिकों को लगा कि वो आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह के वाहन को निशाना बना रहे है। गाजा में हमास के शीर्ष नेता याह्या सिनवार की मौत के बाद हिजबुल्लाह ने कहा है कि वह इजरायल खिलाफ लड़ाई के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
इजरायल की सेना ने हमले को लेकर खेद प्रकट करते हुए कहा, ”सैनिकों ने रविवार को हिजबुल्लाह के ट्रक को निशाना बनाया था जिसमें एक लांचर और मिसाइलें थीं। सेना ने कहा कि सैनिकों को पता नहीं था कि दूसरा ट्रक लेबनानी सेना का था। इजरायल की सेना ने कहा कि वह ‘‘लेबनानी सेना के खिलाफ काम नहीं कर रही है और इन अवांछित परिस्थितियों के लिए खेद प्रकट करती है।’’
याह्या सिनवार पिछले साल सात अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर हमले का मुख्य साजिशकर्ता था, जिसके बाद भीषण जंग शुरु हुई थी। इजरायल के सहयोगी देशों, गाजा के निवासियों और अन्य ने आशा व्यक्त की है कि सिनवार के मारे जाने से युद्ध की समाप्ति का मार्ग प्रशस्त होगा, लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और हमास दोनों ने अपने लक्ष्य प्राप्त होने तक लड़ाई जारी रखने का संकल्प जताया है।
पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को खत्म करने और बंधकों को मुक्त कराने का वादा किया है। वहीं, हमास का कहना है कि वह स्थायी युद्ध विराम, गाजा से इजरायली सैनिकों की पूरी तरह वापसी और फलस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले में ही बंधकों को रिहा करेगा।
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, लेबनान की सेना इतनी मजबूत नहीं है कि वह हिजबुल्लाह पर अपनी इच्छा थोप सके या लेबनान को इजरायल के आक्रमण से बचा सके। पिछले एक साल में इजरायल और हिजबुल्लाह की लड़ाई के दौरान लेबनान सेना काफी हद तक अलग रही है।