✨ Fudan New IOGG Program Open!

2nd Round closes in Loading... !
View Details

‘ट्रंप को क्यों कॉल करूं, ‘मैं PM मोदी को लगाऊंगा फोन’, बंपर टैरिफ के बाद ब्राजील के राष्ट्रपति का बड़ा बयान

Source: ABP News | Original Published At: 2025-08-06 02:11:21 UTC

Key Points

  • ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से बात करने से इनकार कर दिया.
  • अमेरिका ने ब्राजील के आयातों पर 40% अतिरिक्त टैरिफ लगाया, कुल टैरिफ 50% हुआ.
  • लूला ने BRICS नेताओं (शी जिनपिंग, मोदी) से संपर्क करने का फैसला किया.
  • ब्राजील WTO के माध्यम से अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी.
  • अमेरिका ने ब्राजील की न्यायपालिका के फैसले को मानवाधिकार उल्लंघन करार दिया.

ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करने से साफ इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि “अगर ट्रंप बात नहीं करना चाहते तो मैं क्यों फोन करूं?” यह बयान तब आया जब अमेरिका ने ब्राजील के आयातों पर 40% अतिरिक्त टैरिफ़ लगा दिया, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया. इस कदम को लूला ने ब्राजील-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों का सबसे दुखद दिन करार दिया.

इस तनावपूर्ण माहौल में लूला ने स्पष्ट किया कि वे अब BRICS के अन्य नेताओं से बात करेंगे, जिसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य शामिल हैं. उन्होंने कहा कि “मैं शी जिनपिंग को फोन करूंगा, मैं प्रधानमंत्री मोदी को फोन करूंगा. मैं पुतिन को फोन नहीं करूंगा, क्योंकि वह यात्रा नहीं कर सकते.” यह स्पष्ट संकेत है कि ब्राजील अब अमेरिका की बजाय BRICS देशों के साथ कूटनीतिक और व्यापारिक संवाद को प्राथमिकता देगा.

अमेरिका की तरफ से लगाए गए टैरिफ और ब्राजील की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दी गई चेतावनी के अनुसार, जो भी देश BRICS के उन नीतियों का समर्थन करेगा जो अमेरिका के हितों के खिलाफ होंगी, उन्हें 10% अतिरिक्त शुल्क देना होगा. ब्राजील पर अचानक लगाए गए 40% शुल्क ने ब्राजील के निर्यात पर भारी असर डाला है. लूला ने इस फैसले के खिलाफ आवाज़ उठाई और कहा कि ब्राजील अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए विश्व व्यापार संगठन (WTO) सहित सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करेगा. ब्राजील के वित्त मंत्री फर्नांडो हद्दाद ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि लूला इस मुद्दे पर कड़ा कदम उठाने के लिए तैयार हैं.

न्यायपालिका विवाद और मानवाधिकार मुद्दा

ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी विदेश विभाग ने ब्राजील की न्यायपालिका के एक फैसले पर भी असहमति जताई है. दरअसल, ब्राजील की सर्वोच्च अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को तख्तापलट की साजिश के आरोप में नजरबंद किया है. अमेरिका ने इसे “मानवाधिकार उल्लंघन” करार दिया है.

न्यायमूर्ति एलेक्ज़ेंडर डी मोरेस, जो इस मामले की देखरेख कर रहे हैं. हालांकि इस पर अमेरिका ने मैग्निट्स्की अधिनियम के तहत प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका का आरोप है कि डी मोरेस विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए अदालत का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. डी मोरेस ने जवाब देते हुए कहा कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करना जारी रखेंगे.

BRICS बनाम अमेरिका

यह घटनाक्रम वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ की ओर इशारा करता है. एक तरफ अमेरिका है, जो ट्रेड प्रोटेक्शनिज्म और अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप वैश्विक संबंधों को गढ़ना चाहता है. दूसरी तरफ BRICS जैसे संगठन हैं, जो बहुपक्षीयता और नए आर्थिक ध्रुव बनाने के लिए सक्रिय हैं. लूला का ट्रंप को नजरअंदाज कर BRICS नेताओं से संपर्क करना, इस बात का स्पष्ट संकेत है कि ब्राजील अब वैश्विक राजनीति में स्वतंत्र रुख अपनाने की ओर अग्रसर है.

Scroll to Top