BRICS Summit: लूला ने टैरिफ संकट पर सहयोग बढ़ाने की अपील की
Source: News18 Hindi | Original Published At: 2025-09-08 16:05:26 UTC
Key Points
- BRICS देशों को साथ आना चाहिए: लूला कह रहे हैं कि ब्राजील, भारत, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों को व्यापार और पैसे के मामलों में और ज्यादा सहयोग करना चाहिए ताकि बाहरी दबावों से बचा जा सके।
- टैरिफ यानी टैक्स से परेशानी: अमेरिका जैसे बड़े देश टैक्स बढ़ाकर दूसरे देशों पर दबाव बना रहे हैं। इससे ब्राजील और भारत जैसी अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हो रहा है।
- टैरिफ ब्लैकमेल की समस्या: लूला ने कहा कि टैक्स का इस्तेमाल अब व्यापार बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि बाज़ार कब्ज़ाने और दूसरे देशों की नीतियों में दखल देने के लिए किया जा रहा है।
- राजनीति भी शामिल है: ब्राजील पर टैक्स इसलिए बढ़ाया गया क्योंकि वहां की राजनीति में तनाव है, जबकि भारत पर रूस से तेल खरीदने की वजह से टैरिफ लगाया गया। यानी व्यापार के पीछे राजनीतिक वजहें भी हैं।
- एकजुट होकर हल खोजने की जरूरत: लूला का कहना है कि अगर BRICS देश एक साथ आएं तो वे आपसी मदद कर सकते हैं, व्यापार आसान बना सकते हैं और बाहरी देशों के दबाव से अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रख सकते हैं।
लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने BRICS बैठक में अमेरिका के टैरिफ दबाव का मुद्दा उठाया, ब्राजील भारत समेत देशों पर असर बताया और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा है कि BRICS देशों को आपस में व्यापार और वित्तीय सहयोग बढ़ाना चाहिए, ताकि दुनिया में बढ़ते टैरिफ यानी अतिरिक्त टैक्स से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि आजकल टैरिफ ब्लैकमेल यानी टैक्स लगाकर दूसरे देशों पर दबाव डालना आम बात बन गई है। उन्होंने सीधे किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन सब समझ रहे हैं कि वे अमेरिका की तरफ इशारा कर रहे थे।
लूला ने बताया कि अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे टैरिफ से ब्राजील और भारत जैसे देशों की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। ब्राजील पर 50% तक टैरिफ लगाया गया है, जो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ राजनीतिक वजहों से है। वहीं भारत पर भी टैरिफ दोगुना कर दिया गया है क्योंकि वह रूस से तेल खरीद रहा है। लूला ने कहा कि BRICS देशों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि बाहरी दबावों से निपटा जा सके और आपसी व्यापार को आसान बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कई देशों द्वारा लगाए जा रहे एकतरफा प्रतिबंध वैश्विक व्यापार के लिए खतरा बन रहे हैं।
इस दौरान BRICS की वर्चुअल बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इंडोनेशिया, ईरान, UAE और इथियोपिया के नेता शामिल हुए। बैठक में व्यापार, आर्थिक सहयोग, आपसी समर्थन और एकजुटता बढ़ाने पर चर्चा हुई। लूला ने पहले भी कहा था कि वे ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का मुद्दा BRICS में उठाएंगे। उनका मानना है कि यदि ये देश साथ आ जाएं तो आर्थिक दबावों से बचा जा सकता है और विकासशील देशों की आवाज़ को मजबूत किया जा सकता है। कुल मिलाकर लूला का संदेश साफ है – दुनिया में बढ़ते टैरिफ से निपटने के लिए BRICS देशों को आपसी सहयोग बढ़ाना होगा। यह सिर्फ व्यापार का सवाल नहीं है, बल्कि आर्थिक सुरक्षा और राजनीतिक एकजुटता का भी मामला है।