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Source: Amar Ujala | Original Published At: 2025-08-29 03:55:00 UTC
Key Points
- अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50% टैरिफ लगाया
- ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीद के माध्यम से यूक्रेन युद्ध को फाइनेंस करने का आरोप लगाया
- रिचर्ड वोल्फ का कहना है कि भारत ब्रिक्स देशों में निर्यात बढ़ाएगा
- ब्रिक्स देशों की वैश्विक उत्पादन हिस्सेदारी 35% है, जी7 की 28%
- ब्रिक्स का उद्देश्य पश्चिमी देशों के वित्तीय प्रभुत्व को चुनौती देना
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा कई भारतीय उत्पादों पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ बुधवार से लागू हो गया। रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर दोगुना टैरिफ लगाया है। ट्रंप का कहना है कि भारत, रूस से कच्चा तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध को वित्तपोषित कर रहा है। उन्होंने भारत पर दबाव बनाने को यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के अभियान का हिस्सा बताया है।
रशिया टुडे के साथ एक बातचीत में अमेरिकी अर्थशास्त्री रिचर्ड वोल्फ ने कहा कि ‘अगर अमेरिका भारत के लिए अपने रास्ते बंद कर देता है, तो भारत अपना सामान बेचने के लिए अन्य बाजार ढूंढ लेगा, और यह कदम ब्रिक्स देशों को और मजबूत करेगा।’ उन्होंने कहा, ‘जिस तरह रूस ने कच्चे तेल के लिए नए बाजार ढूंढ लिए हैं, उसी तरह भारत भी अब अपना निर्यात अमेरिका को नहीं, बल्कि ब्रिक्स देशों को बेचेगा।’
ये भी पढ़ें- US: ‘तुम्हारे बेटों के सिर कलम होंगे, बेटियों का दुष्कर्म…’, रिपब्लिकन नेता ने धार्मिक ग्रंथ से की अभद्रता ब्रिक्स देशों में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इस समूह का उद्देश्य पश्चिमी देशों के वित्तीय प्रभुत्व का मुकाबला करना और डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए विकल्प तलाशना है। वोल्फ ने कहा, ‘अगर आप चीन, भारत, रूस और ब्रिक्स को लें, तो इन देशों की कुल वैश्विक उत्पादन में हिस्सेदारी 35% है। जो जी7 देशों की हिस्सेदारी अब घटकर लगभग 28% रह गई है।’ वोल्फ ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘आप (ट्रंप) जो कर रहे हैं, उससे ब्रिक्स को पश्चिमी देशों के मुकाबले एक बड़ा, अधिक एकीकृत और सफल आर्थिक विकल्प बनाने में मदद मिलेगी। हम एक ऐतिहासिक क्षण देख रहे हैं।’