पुतिन को गिरफ्तारी का डर! BRICS समिट में क्यों नहीं पहुंचे साउथ अफ्रीका, वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ेंगे
Source: News18 हिंदी | Original Published At: 2023-08-22 14:00:42 UTC
Key Points
- रूसी राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन से बच्चों के अपहरण के मामले में गिरफ्तारी के डर से BRICS समिट में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल होना
- ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं की उपस्थिति में कोविड-19 के बाद पहली बैठक
- ब्रिक्स समूह के विस्तार पर विचार, 20+ देशों ने समूह में शामिल होने के लिए आवेदन किया है
- रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव समिट में रूस का प्रतिनिधित्व करेंगे
जोहानिसबर्ग. रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह ‘ब्रिक्स’ की मंगलवार से दक्षिण अफ्रीका में शुरू हो रही तीन दिवसीय शिखर बैठक में प्रत्यक्ष रूप से भाग नहीं लेंगे. वह वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये इस सम्मेलन में शामिल होंगे. ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का यह समूह अपने शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में कोविड-19 महामारी के बाद से अपनी पहली बैठक कर रहा है. हालांकि, पुतिन दक्षिण अफ्रीका की अपनी यात्रा से समस्या पैदा हो सकने के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये इसमें भाग लेंगे, क्योंकि यूक्रेन से बच्चों के अपहरण के मामले में मार्च में अंतरराष्ट्रीय अपराध अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था.
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा बैठक में उपस्थित होंगे. विश्व की 40 प्रतिशत आबादी ब्रिक्स देशों में रहती है और समूह के सदस्य देश 30 प्रतिशत वैश्विक आर्थिक उत्पादन के लिए जिम्मेदार हैं. यह समूह अपना विस्तार करने पर विचार कर रहा है. जोहानिसबर्ग के वित्तीय जिले सैंडटन में बुधवार की मुख्य शिखर बैठक के एजेंडा में यह शीर्ष पर होगा. दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों के मुताबिक, 20 से अधिक देशों ने समूह में शामिल होने के लिए आवेदन किया है, जिनमें सऊदी अरब, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं.
मंगलवार को शुरू हुआ ब्रिक्स सम्मेलन, दुनिया की लगी हुई नजरें
ब्रिक्स के पांचों सदस्य देशों को किसी अन्य देश को समूह में शामिल करने से पहले नये सदस्यों के लिए अर्हता पर सहमत होना होगा, लेकिन एक वृहद ब्रिक्स को पश्चिमी देशों के साथ चीन और रूस के खराब होते संबंधों के बीच उन दोनों द्वारा समर्थित नीति के तौर पर देखा जा रहा है. दक्षिण अफ्रीका के व्यापार एवं उद्योग मंत्री इब्राहिम पटेल ने मंगलवार को न केवल पांच ब्रिक्स राष्ट्रों के करीब 1,200 प्रतिनिधियों, बल्कि अन्य विकासशील देशों के दर्जनों प्रतिनिधियों का भी स्वागत करते हुए आधिकारिक रूप से शिखर बैठक का उद्घाटन किया.
पुतिन के प्रवक्ता का दावा, पूरी भागीदारी करेंगे और भाषण भी देंगे
रामफोसा के मुताबिक, तीन दिवसीय बैठक में 40 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों के भाग लेने की उम्मीद है. रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने जोर देते हुए कहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उपस्थित होने के बावजूद पुतिन पूर्ण रूप से भागीदारी करेंगे और भाषण भी देंगे. रूस का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे, जो बैठक में उपस्थित रहेंगे. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस के भी शिखर बैठक में शामिल होने की उम्मीद है. शिखर बैठक आधिकारिक रूप से मंगलवार सुबह एक व्यापार मंच की बैठक के साथ शुरू हुई, और शी, लूला, मोदी तथा रामफोसा के नेताओं की पहली बैठक के लिए सैंडटन कंवेंशन सेंटर दोपहर में पहुंचने की उम्मीद है.