ट्रंप के टैरिफ के लिए भारत ने तैयार कर लिया प्लान! ब्राजील और चीन संग मिलकर मोदी सरकार करेगी बड़ा खेल
Source: ABP News | Original Published At: 2025-08-07 16:02:07 UTC
Key Points
- भारत, ब्राजील और चीन के साथ मिलकर अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ रणनीति तैयार कर रहा है।
- प्रधानमंत्री मोदी ब्राजील के राष्ट्रपति लूला से बातचीत और चीन की यात्रा के माध्यम से BRICS सहयोग को मजबूत करने की योजना बना रहे हैं।
- भारत ने ट्रंप प्रशासन के 50% टैरिफ को "अन्यायपूर्ण" बताया है और रूस से ऊर्जा खरीदारी जारी रखने का फैसला किया है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संभवतः गुरुवार (7,अगस्त 2028) को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से बात करेंगे और अगस्त महीने में 7 साल बाद चीन की पहली यात्रा करने की तैयारी कर रहे हैं. ये दोनों कदम अमेरिका के साथ बिगड़ते संबंधों के बीच और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के समिट में शामिल होने के लिए तियानजिन जाएंगे, जहां वह मॉस्को से लौटे राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक करेंगे.
लूला से बातचीत
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा भारत-यूएस व्यापार युद्ध तथा अमेरिकी टैरिफ की स्थिति पर चर्चा करने के लिए मोदी से फोन पर बात कर सकते हैं. दोनों ने पहले से ही बातचीत का समय तय कर रखा था, लेकिन अब यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि ट्रंप ने भारत और ब्राजील पर 50% टैरिफ लगाया है.
चीन यात्रा और SCO सम्मेलन
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी अगस्त के अंत में चीन की यात्रा करेंगे. वह पिछली बार 2018 में यहां गए थे. वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में टियानजिन में हिस्सा लेंगे, जहां वह शी जिनपिंग से भेंट करेंगे. यह बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर को तय है.
अमेरिका के टैरिफ के बीच यह कूटनीति अहम
ट्रंप प्रशासन द्वारा रूस से तेल खरीदते रहने पर भारत को 50% टैरिफ का सामना करना पड़ा है. भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए रूस से खरीदारी नहीं रोकेगा. भारत ने ट्रंप टैरिफ को “अन्यायपूर्ण” बताया है. इसी बीच भारत, ब्राजील, चीन और रूस जैसे BRICS देशों से संबंध और अधिक अहम बन गए हैं.
अन्य कूटनीतिक गतिविधियां
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल फिलहाल रूस की राजधानी मॉस्को में हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर की भी रूस की यात्रा पहले से तय थी. भारत इस वर्ष के अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी अपने यहां आमंत्रित करने की तैयारी में है.