BRICS Nation Support India: अब चीन ने दिया पाकिस्तान को झटका, BRICS के मंच से पहलगाम आतंकी हमले की निंदा; इन मुस्लिम देशों ने भी PAK को लताड़ा
Source: ABP News | Original Published At: 2025-06-07 03:59:58 UTC
Key Points
- BRICS संसदीय मंच ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की
- चीन व मुस्लिम देशों का समर्थन पाकिस्तान के लिए झटका साबित हुआ
- ओम बिड़ला ने आतंकवाद रोकथाम के लिए चार कदमों की वकालत की
- BRICS देशों ने AI, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय शांति पर भी चर्चा की
BRICS Nation Support India: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की है। बता दें कि शुक्रवार (6 जून) को को ब्रासीलिया में आयोजित BRICS संसदीय मंच ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने का संकल्प लिया। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है, क्योंकि इसमें चीन के अलावा कई मुस्लिम देश भी शामिल हैं।
BRICS संसदीय पैनल में चीन के अलावा कई मुस्लिम देश भी शामिल हैं। इस मंच में भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, मिश्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में भारत का नेतृव लोकसभा ओम बिड़ला ने किया। बता दें की भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का दल दुनिया के अलग-अलग देशों में भेजे हैं, जहां पाकिस्तान के आतंक को एक्पोज करने की कोशिश की गई है।
ओम बिड़ला की बातों पर सहमति
संबोधन में ओम बिड़ला ने कहा कि आतंकवाद आज वैश्विक संकट बन चुका है, जिसका सामना अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही किया जा सकता है। उन्होंने चार प्रमुख कदमों की वकालत की। उनमें आतंकी संगठनों की आर्थिक मदद बंद करना, इंटेलिजेंस साझा करने की क्रिया तेज करना, तकनीक के गलत इस्तेमाल को रोका जाना व जांच और न्यायिक क्रिया में सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। ओम बिड़ला की बातों को बैठक में मौजूद सभी देशों ने एकमत से स्वीकार करते हुए अंतिम घोषणा पत्र में शामिल किया।
लोकसभा सचिवालय ने जारी किया बयान
लोकसभा सचिवालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार, संयुक्त घोषणा पत्र में भारत के पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की गई और सभी BRICS देशों के संसदों ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की सहमति दी। बैठक में आतंकवाद के अलावा AI, वैश्विक व्यापार, अंतर-संसदीय सहयोग, और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।