भारत को हथियार देना खतरनाक, वह चीन और रूस के करीब जा रहा है: वाइट हाउस अधिकारी
Source: Hindustan | Original Published At: 2025-08-18 10:31:46 UTC
Key Points
- अमेरिका ने भारत के रूस-चीन संबंधों के कारण हथियार निर्यात को जोखिमपूर्ण बताया
- भारत ने रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी आलोचनाओं का खंडन किया
- ट्रंप प्रशासन ने 25+25% टैरिफ के साथ भारत पर आर्थिक दबाव बनाया
- पीटर नवारो ने भारत की बढ़ती करीबी को अमेरिकी सैन्य सहयोग के लिए खतरा बताया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही भारत के खिलाफ 25+25 फीसदी टैरिफ लगा चुके हैं। शुरुआती ऐलान में उन्होंने भारत पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया था और इसकी वजह BRICS देश और अमेरिका को होने वाला घाटा बताया था।
रूसी तेल की खरीद को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर भारत पर निशाना साधा है। अब वाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि भारत ने रूस और चीन से करीबी बढ़ा ली है, जिसके कारण उसे हथियार बेचना जोखिम भरा हो गया है। वहीं, भारत ने साफ किया है कि तेल खरीदने को लेकर उसे अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने बताया था कि अमेरिका और यूरोपीय संघ भी रूसी सामान के खरीदार हैं।
फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में वाइट हाउस के व्यापारिक मामलों के सलाहकार पीटर नवारो ने लिखा है नई दिल्ली अब ‘रूस और चीन दोनों के करीब जा रहा है।’ उन्होंने लिखा, ‘अगर भारत एक रणनीतिक साझेदार की तरह हमसे व्यवहार चाहता हैं, तो उसे वैसे काम भी करने चाहिए।’ इससे पहले कई मौकों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी रूसी तेल की खरीदी को लेकर भारत पर निशाना साध चुके हैं।
नवारो ने लिखा, ‘भारत रूसी तेल के सबसे बड़े उपयोगकर्ता के रूप में काम कर रहा है। वह कच्चे तेल को महंगे निर्यात में बदल रहा है और मॉस्को को डॉलर थमा रहा है, जिसे उसकी जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि रूस और चीन के साथ भारत के करीबी रिश्तों के चलते अमेरिकी सैन्य क्षमताओं को भारत को सौंपना जोखिम भरा है।