तालिबान को चेतावनी! पड़ोसी देशों के लिए खतरा न बने अफगानिस्तान- ब्रिक्स बैठक में पुतिन
Source: News18 हिंदी | Original Published At: 2021-09-09 13:28:23 UTC
Key Points
- पुतिन ने अफगानिस्तान से पड़ोसी देशों के लिए खतरा न बनने की चेतावनी दी
- अमेरिकी सेना की वापसी के बाद अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति पर चिंता व्यक्त की
- मोदी ने ब्रिक्स आतंकरोधी एक्शन प्लान का समर्थन किया
- रूस-चीन-पाकिस्तान के तालिबान समर्थन के बीच रूस की सख्त टिप्पणी के निहितार्थ
नई दिल्ली. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन (Vladimir Putin) ने 13वें ब्रिक्स सम्मेलन (BRICS Summit) में अफगानिस्तान के मुद्दे पर बातचीत की है. उन्होंने कहा है कि अफगानिस्तान को अपने पड़ोसी देशों के लिए खतरा नहीं बनना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘पड़ोसी देशों के लिए आतंकवाद, ड्रग्स तस्करी जैसा खतरा अफगानिस्तान को नहीं पैदा करना चाहिए.’
पुतिन बोले, ‘अमेरिकी सेना और उनके सहयोगी देशों की सेनाओं की वापसी के बाद अफगानिस्तान एक नई त्रासदी में घिर गया है. और अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि ये दुनिया और क्षेत्र की सुरक्षा को किस तरह से प्रभावित करेगा. हम सभी देशों ने इस मुद्दे पर विशेष रूप से ध्यान दिया है.’
क्यों महत्वपूर्ण है रूस की ये टिप्पणी
रूस की यह टिप्पणी इसलिए महत्वपूर्ण मानr जा रही है क्योंकि तालिबान को मॉस्को से शह मिलने की खबरें आती रही हैं. रूस के अलावा चीन की तरफ से तालिबान के लिए समर्थन वाला रवैया दिखाया गया है. पाकिस्तान तो खुलकर दुनिया के सामने आ चुका है. ऐसे में पुतिन की इस सख्त टिप्पणी के बड़े निहितार्थ हो सकते हैं.
पीएम मोदी ने भी आतंकरोधी एक्शन प्लान को सराहा
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की. पीएम मोदी ने बैठक में कहा, ‘हाल ही में पहले “ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ सम्मेलन” का आयोजन हुआ. तकनीक की मदद से हेल्थ एक्सेस बढ़ाने के लिए यह एक इनोवेटिव कदम है. नवंबर में हमारे जल संसाधन मंत्री ब्रिक्स फॉर्मेट में पहली बार मिलेंगे. हमने ब्रिक्स ‘Counter Terrorism Action Plan’ यानी आतंकरोधी एक्शन प्लान का भी समर्थन किया है.’
उन्होंने कहा, ‘यह भी पहली बार हुआ कि ब्रिक्स ने मल्टीलैटरल सिस्टम की मजबूती और सुधार” पर एक साझा स्टैंड लिया है. हमने ब्रिक्स ‘Counter Terrorism Action Plan’ यानी आतंकरोधी एक्शन प्लान भी अडॉप्ट किया है. पिछले डेढ़ दशक में ब्रिक्स ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं.’