‘भारत की अध्यक्षता में दिखेगा BRICS का नया रूप’, पीएम मोदी का ऐलान सुन गदगद हो जाएंगे छोटे देश
Source: ABP News | Original Published At: 2025-07-07 14:54:12 UTC
Key Points
- भारत की BRICS अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ को प्राथमिकता मिलेगी
- BRICS का नया उद्देश्य: सहयोग, स्थिरता और इनोवेशन को बढ़ावा
- जलवायु परिवर्तन के खिलाफ भारत का नैतिक दृष्टिकोण
- छोटे और विकासशील देशों की बराबर भागीदारी की मांग
- आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एकजुटता की आवश्यकता
PM Modi in BRICS Summit 2025: ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में हुए 17वें ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत का दृष्टिकोण पूरी मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि जब भारत को ब्रिक्स की अध्यक्षता मिलेगी, तो यह संगठन ‘सहयोग और स्थिरता के लिए मजबूती और इनोवेशनच’ के एक नए विचार के साथ आगे बढ़ेगा। पीएम मोदी ने कहा, भारत की BRICS अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ को प्राथमिकता मिलेगी। उन्होंने कहा, BRICS का अर्थ होगा- सहयोग और स्थिरता के लिए लचीलेपन और इनोवेशन का निर्माण करना। हम इस मंच को मानवता पहले की भावना और जन-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाएंगे।
भारत देगा ब्रिक्स को नई पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स को एक नया उद्देश्य मिलेगा, जो दुनिया में सहयोग, मजबूती और स्थायित्व को बढ़ावा देगा। यह केवल एक मंच नहीं रहेगा, बल्कि सभी विकासशील देशों की उम्मीदों का केंद्र बनेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां कुछ देश जलवायु परिवर्तन को केवल आंकड़ों में मापते हैं, वहीं भारत इसे अपने संस्कारों में जीता है। भारत के लिए क्लाइमेट जस्टिस कोई विकल्प नहीं बल्कि एक नैतिक कर्तव्य है, क्योंकि पृथ्वी का स्वास्थ्य और मनुष्य का स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने जोर दिया कि जैसा आत्मविश्वास विकसित देशों में भविष्य को लेकर दिखता है, वैसा ही आत्मबल विकासशील देशों में भी होना चाहिए। कोविड महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस संकट ने हमें सिखाया है कि न तो वायरस वीसा लेकर आते हैं और न ही समाधान पासपोर्ट देखकर चुने जाते हैं।
छोटे देशों की आवाज होगी मजबूत
मोदी ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि दुनियाभर की संस्थाओं में छोटे और विकासशील देशों की भी सुनी जाए। उन्होंने कहा कि भारत इस बात का समर्थन करता है कि सबको बराबर का हक और भागीदारी मिलनी चाहिए। बैठक में नई तकनीक जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह तकनीक केवल अमीर देशों तक सीमित न रहे, बल्कि सभी को इसका लाभ मिलना चाहिए।
आतंकवाद पर मोदी का सख्त संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद आज पूरी मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने इस साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा, यह सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर हमला था। उन्होंने कहा कि जो देश आतंकवाद को पैसा, प्रशिक्षण या पनाह देते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस मुद्दे पर कोई दोहरा रवैया नहीं चलना चाहिए। भारत इस बात के लिए ब्रिक्स का आभार व्यक्त करता है कि उसने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी देशों से अपील की कि आतंकवाद के खिलाफ बिलकुल भी सहनशीलता न रखी जाए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ भारत की नहीं है, बल्कि पूरे संसार की जिम्मेदारी है।