डॉलर के वर्चस्व को चुनौती? ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को दी धमकी, कहा- ऐसा हुआ तो 10% लगा दूंगा टैरिफ
Source: Hindustan | Original Published At: 2025-07-19 04:30:16 UTC
Key Points
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है।
- ब्रिक्स देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर की निर्भरता कम करने का प्रयास कर रहे हैं।
- ब्रिक्स में मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात का समावेश हुआ है।
ब्रिक्स एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसमें पांच उभरती अर्थव्यवस्थाएं (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) शामिल हैं। इसकी स्थापना 2006 में हुई थी जिसका उद्देश्य आर्थिक सहयोग, व्यापार और विकास को बढ़ावा देना है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिक्स देशों को एक बार फिर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि BRICS इकोनॉमिक ब्लॉक से गठबंधन करने वाले देशों को सामानों पर अतिरिक्त 10% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने समूह पर अमेरिकी डॉलर को हथियाने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे अमेरिका की मुद्रा को फिसलने नहीं देंगे। राष्ट्रपति ने इस समारोह में क्रिप्टोकरेंसी कानून पर हस्ताक्षर किए और कहा कि ब्रिक्स नाम का एक छोटा सा गुट है जो तेजी से कमजोर हो रहा है। BRICS वाले डॉलर के प्रभुत्व और स्टैंडर्ड को हथियाना चाहते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि टैरिफ को लेकर चेतावनी जारी करने के बाद ब्रिक्स की बैठक हुई थी , जिसमें उपस्थिति कम देखी गई। वे टैरिफ का सामना नहीं करना चाहते हैं। मालूम हो कि ब्रिक्स एक तरह का आर्थिक गठबंधन है जिसमें मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। हालांकि, पिछले साल इसका विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए। ब्रिक्स देश अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करना चाहते हैं। लेकिन, कुछ सदस्यों ने इस पर अलग-अलग नजरिया पेश किया है।