दुनिया चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही, वैश्विक संकट में बढ़ी समूह की अहमियत… BRICS मीटिंग में बोले NSA डोभाल
Source: नवभारत टाइम्स | Original Published At: 2026-06-23 17:15:17 UTC
नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में कहा कि दुनिया इस समय सैन्य संघर्षों, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, आर्थिक दबावों और नई तकनीकी चुनौतियों से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर खतरे लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और तंत्र इनका प्रभावी समाधान करने में पर्याप्त साबित नहीं हो रहे हैं। डोभाल ने चिंता जताई कि बहुपक्षवाद (Multilateralism) भी कमजोर पड़ रहा है।
ब्रिक्स को बताया विशेष गठबंधन
डोभाल ने ब्रिक्स को एक विशेष गठबंधन बताते हुए कहा कि इसकी स्थापना उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने के लिए की गई थी। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों की विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है तथा मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में इस मंच का महत्व और बढ़ गया है।
डोभाल-वांग यी की अहम मुलाकात
बैठक के इतर एनएसए अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों में सामान्यीकरण की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की। चर्चा में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर विश्वास बहाली उपायों, राजनयिक संवाद और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के मुद्दे शामिल रहे।
चीन ने दोहराई कोर इंटरेस्ट की बात
वांग यी ने कहा कि भारत और चीन के लिए एक-दूसरे के मुख्य हितों का सम्मान करना आवश्यक है। उन्होंने दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बनी सहमति को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने स्थिर और सकारात्मक संबंधों को क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
ईरान-यूएई विवाद भी उभरा
बैठक के दौरान पश्चिम एशिया का तनाव भी चर्चा का केंद्र बन गया। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के उप सचिव डॉ. गदीर नेजामीपोर ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर हालिया सैन्य कार्रवाइयों में भूमिका निभाने का आरोप लगाया। इससे ब्रिक्स मंच पर दोनों देशों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए। यह घटनाक्रम पिछले महीने ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हुए विवाद की भी याद दिलाता है।
ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद पर चर्चा
बैठक में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, क्षेत्रीय संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े खतरों पर भी व्यापक विचार-विमर्श हुआ। डोभाल ने हालिया अमेरिका-ईरान समझौते का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सकारात्मक कदम बताया। ब्रिक्स देशों ने वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग और संवाद को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
लेखक के बारे मेंहेमंत राजौराहेमंत राजौरा नवभारत टाइम्स में स्पेशल करेस्पॉन्डेंट हैं। वह कांग्रेस, सपा, आरजेडी सहित प्रमुख विपक्षी दलों की राजनीति को गहराई से कवर करते हैं। साथ ही, स्वास्थ्य, विज्ञान और नीति से जुड़ी अहम खबरों पर भी उनकी पैनी नजर रहती है। ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषण की स्पष्टता और विश्वसनीय सूत्रों तक मजबूत पहुंच उनकी पत्रकारिता की पहचान है।… और पढ़ें