पहलगाम आतंकी हमला केवल भारत नहीं, पूरी मानवता पर आघात; ब्रिक्स समिट में बोले पीएम मोदी
Source: Hindustan | Original Published At: 2025-07-06 18:17:58 UTC
Key Points
- पीएम मोदी ने ब्रिक्स समिट में पहलगाम आतंकी हमले को मानवता के खिलाफ आघात बताया
- आतंकवाद पर दोहरे मानदंडों की निंदा की और स्पष्ट रुख अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया
- ब्रिक्स घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर हमले की कड़ी निंदा और भारत के समर्थन में सहमति व्यक्त की
BRICS Summit:ब्रिक्स समिट में पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम का कायरतापूर्ण आतंकी हमला केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी मानवता पर हुआ गहरा आघात था। उन्होंने कहा कि आतंकवाद जैसे विषयों पर दोहरे मानदंडों की कोई जगह नहीं है।
PM Modi at BRICS Summit: ब्रिक्स सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले को भारत ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए एक आघात बताया।ब्राजील के रियो डी जेनेरियों में आयोजित इस सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवाद को मानवता के सामने सबसे गंभीर चुनौती बताते हुए पहलगाम हमले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ कायरतापूर्ण आतंकी हमला केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के खिलाफ था।
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स के मंच से संगठन के सदस्यों को संबोधित करते हुए संपूर्ण विश्व को संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज ब्रिक्स देशों को आतंकवाद पर स्पष्ट और एकीकृत रुख अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “आतंकवाद जैसे विषय पर दोहरे मानदंडों की कोई जगह नहीं है। अगर कोई देश प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इसका समर्थन करता है तो उसे इसकी कीमत चुकाने के लिए तैयार भी रहना चाहिए।”
आपको बता दें ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स के घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई और सीमापार से किए जा रहे आतंकी हमलों से भारत के निपटने पर संगठन ने अपनी सहमति जताई।
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने शांति और सुरक्षा तथा वैश्विक शासन में सुधार पर हुए सत्र को संबोधित करते हुए शांति और भाईचारे के मूल्यों के प्रति भारत के प्रतिबद्धता दोहराई। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ‘शांति और सुरक्षा तथा वैश्विक शासन में सुधार’ पर सत्र में, शांति और भाईचारे के मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई गई। आखिरकार, विश्व शांति और सुरक्षा हमारे साझा हितों और भविष्य की नींव हैं।”